सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने दी जानकारी, शहीदों की विधवाओं को मिलने वाली अनुदान राशि 10 से बढ़ाकर 50 लाख रुपये
भीमताल, 08 सितंबर। कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को उपनल कार्यालय हल्द्वानी में मीडिया से वार्ता करते हुए बताया कि 10 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे वाटिका गार्डन, हल्द्वानी में “भारतीय सैन्य बलों एवं अर्द्धसैनिक बलों के गौरव सेनानियों का मिलन समारोह” आयोजित किया जाएगा। समारोह में करीब 5000 पूर्व सैनिकों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैनिक बहुल प्रदेश है और यहां के वीर जवानों ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान के लिए आयोजित होने वाला यह समारोह भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।
शहीद परिवारों को 50 लाख रुपये अनुदान
गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने वीरता पदक प्राप्त करने वाले पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की है। वहीं शहीद सैनिकों की विधवाओं को मिलने वाली शहीद अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी प्रावधान है। अब तक 28 शहीद परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
उत्तराखंड को देश की सैन्य विरासत पर गर्व
सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है कि देश के प्रथम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, प्रथम CDS स्व. बिपिन रावत और द्वितीय CDS अनिल चौहान का संबंध उत्तराखंड से है। उन्होंने कहा कि तृतीय CDS भी गढ़वाल रेजिमेंट से संबंधित हैं।
अक्टूबर में जनता को समर्पित होगा सैन्य धाम
गणेश जोशी ने बताया कि देहरादून में विशाल सैन्य धाम का निर्माण किया गया है, जिसे लगभग अक्टूबर माह में जनता को समर्पित किया जाएगा। सैन्य धाम में शहीदों की वीरगाथाओं को प्रदर्शित करने के लिए 1734 शहीद परिवारों के आंगन की मिट्टी और 28 नदियों का जल लाया गया है।
उन्होंने बताया कि सैन्य धाम परिसर में बाबा जसवंत सिंह और बाबा हरभजन सिंह के मंदिर भी बनाए गए हैं। इसके अलावा वीर सैनिकों की गाथाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए लाइट एंड साउंड शो भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि चारधाम यात्रा पर आने वाले पर्यटकों के लिए सैन्य धाम विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
मंत्री ने कहा कि सीमा पर शहीद होने वाले वीर सैनिकों के पैतृक गांव में उनके नाम पर सड़क और विद्यालय का नामकरण करने तथा उनकी प्रतिमा स्थापित करने का कार्य भी सरकार प्राथमिकता से कर रही है।
इस दौरान दर्जा राज्य मंत्री ध्रुव रौतेला और क्षेत्रीय परियोजना अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल गोविंद सिंह कन्याल (अप्रा.) उपस्थित रहे।