भीमताल, 22 मई। जनपद में बढ़ती गर्मी और संभावित जल संकट को देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पेयजल संरक्षण को लेकर सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ग्रीष्म ऋतु एवं लू की स्थिति के मद्देनजर जारी यह आदेश 25 मई 2026 से 20 जून 2026 अथवा मानसून प्रारम्भ होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के तहत जनपद में नए पेयजल संयोजनों की स्वीकृति और निर्गमन पर तत्काल रोक लगा दी गई है। साथ ही भवन निर्माण कार्यों के लिए पूर्व में स्वीकृत अस्थायी अथवा निर्माणाधीन जल संयोजनों को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
वाहन धुलाई पर पूरी तरह रोक, सिर्फ ड्राई वॉश की अनुमति
आदेश के अनुसार वाहन सर्विस सेंटरों और धुलाई केंद्रों पर पानी से वाहनों की धुलाई पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। केवल ड्राई वॉश प्रणाली की अनुमति होगी। उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई के साथ जल संयोजन विच्छेद किए जाने की चेतावनी दी गई है।
टुल्लू पंप पर भी सख्ती
डीएम के आदेश के मुताबिक किसी भी सर्विस कनेक्शन में सीधे टुल्लू पंप या सक्शन पंप का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। निरीक्षण में ऐसा पाए जाने पर पंप जब्त करने के साथ जल संयोजन भी काटा जाएगा।
पेयजल के दुरुपयोग पर होगी कार्रवाई
पेयजल का उपयोग सिंचाई, वाहन धुलाई, फर्श साफ करने अथवा अन्य गैर-जरूरी कार्यों में करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। छतों पर लगी पानी की टंकियों से ओवरफ्लो या रिसाव पाए जाने पर भी संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जल संयोजन विच्छेद किया जा सकता है।
पाइपलाइन लीकेज पर तय होगी जवाबदेही
मुख्य और वितरण पाइपलाइनों में किसी भी प्रकार की लीकेज मिलने पर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि व्यापक जनहित से जुड़े राजकीय निर्माण कार्य इन प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगे, लेकिन कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण स्थल पर जल की बर्बादी रोकनी होगी। जल अपव्यय पाए जाने पर पूरी जिम्मेदारी संबंधित संस्था की मानी जाएगी।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी नागरिकों, संस्थानों और विभागों से आदेशों का कड़ाई से पालन करने की अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।