भीमताल : कुमाऊं विश्वविद्यालय, डीएसबी परिसर में सोमवार को आयोजित 19वें दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के 19,570 स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों को उपाधि प्रदान की गई। समारोह में 89 विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक दिए गए, जबकि 201 पीएचडी शोधार्थियों (66 प्रतिशत छात्राएं) को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कला और रंगमंच में उल्लेखनीय योगदान के लिए अभिनेता ललित मोहन तिवारी को डी-लिट और शिक्षा-शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रोफेसर डीपी सिंह को डीएससी मानद उपाधि प्रदान की गई।
समारोह का उद्घाटन और अतिथियों के विचार :
समारोह का शुभारंभ कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत और कुलपति प्रोफेसर दीवान सिंह रावत द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपाधि प्राप्त छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्य अतिथि राज्यपाल गुरमीत सिंह ने छात्रों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, “यह केवल डिग्रियों का वितरण नहीं है, बल्कि यह युवाओं को उनके सपनों और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रेरित करने का महत्वपूर्ण पड़ाव है।”
उन्होंने विश्वविद्यालय की नवाचार और अनुसंधान की दिशा में हुई प्रगति को सराहते हुए कहा कि सरकार शिक्षकों और छात्रों को अनुसंधान के लिए वित्तीय सहायता, पेटेंट समर्थन, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी के अवसर प्रदान कर रही है।
कुलपति प्रोफेसर दीवान सिंह रावत ने कुमाऊं विश्वविद्यालय की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय ने नेशनल इंटिट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में 51-100 की श्रेणी में स्थान प्राप्त किया।उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने शोध संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए आंतरिक शोध निधि की स्थापना की है, जिसके तहत 65 शिक्षकों को 1.25 करोड़ रुपये का वित्तीय अनुदान प्रदान किया गया। स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए “टैलेंट हंट” नामक विशेष कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसका वार्षिक बजट 30 लाख रुपये है।
उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय को भारत सरकार की “पीएम उषा” योजना के अंतर्गत मल्टी डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटीज (MERU) के रूप में 100 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य की संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने के लिए प्राइमरी स्कूलों में कुमाऊंनी, गढ़वाली और जौनसारी जैसी बोलियां पठन-पाठन में लागू की गई हैं।
समारोह में विधायक सरिता आर्य, जिलाधिकारी वंदना सिंह, एसएसपी पीएन मीना, और बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह का संचालन प्रो. दिव्या जोशी उपाध्याय ने किया।