भीमताल, 26 मई। उत्तराखण्ड की आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षमता को नई मजबूती देने की दिशा में मंगलवार को लोक भवन में महत्वपूर्ण पहल की गई। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘फिन बोध’, ‘उत्तरावाणी’ ऐप और असिस्टेंट होमस्टे मैनेजर पाठ्य सामग्री का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि ये पहलें राज्य में वित्तीय साक्षरता, सांस्कृतिक संरक्षण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने ‘फिन बोध’ ऐप को आमजन, विशेषकर युवाओं के लिए वित्तीय समझ विकसित करने का अभिनव माध्यम बताया।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में निवेश, बचत, संपत्ति प्रबंधन और डिजिटल वित्तीय व्यवहार की जानकारी बेहद जरूरी हो गई है। ऐसे में ‘फिन बोध’ ऐप लोगों को सरल और व्यवहारिक तरीके से वित्तीय साक्षरता प्रदान करेगा। ऐप में बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल भुगतान, कर नियोजन, साइबर सुरक्षा जागरूकता और विभिन्न वित्तीय योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।
‘उत्तरावाणी’ ऐप को लेकर राज्यपाल ने कहा कि यह उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। कुमाऊँनी, गढ़वाली और जौनसारी जैसी बोलियों, लोकगीतों और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच देने में यह ऐप उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह मल्टी-कम्युनिटी रेडियो प्लेटफॉर्म दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों को जोड़ने और स्थानीय ज्ञान को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने में सहायक बनेगा।
वहीं, असिस्टेंट होमस्टे मैनेजर पाठ्य सामग्री को राज्यपाल ने युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने वाली अहम पहल बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में होमस्टे पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है और इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। यह पाठ्य सामग्री युवाओं को अतिथि सत्कार, हाउसकीपिंग, ऑनलाइन बुकिंग, सोशल मीडिया प्रचार और उद्यमिता जैसे विषयों का व्यवहारिक प्रशिक्षण देगी।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिवार को इन पहलों के लिए बधाई देते हुए कहा कि ये प्रयास आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की दिशा में मजबूत आधार तैयार करेंगे। कार्यक्रम में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, रजिस्ट्रार हेम राज भट्ट सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं अध्यापक मौजूद रहे।