राज्यपाल ने किया कौसानी का दौरा, विकास कार्यों और योजनाओं की ली जानकारी

स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की सराहना, महिलाओं को बताया सफलता का मंत्र

भीमताल : उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) गुरुवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर कौसानी पहुंचे। यहां कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के अतिथिगृह में उनका जनपद प्रशासन की ओर से भव्य स्वागत किया गया। जिलाधिकारी आशीष भटगांई और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। राज्यपाल ने प्रवास के दौरान स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से उनकी मासिक आय और कामकाज की जानकारी ली और उन्हें डिजिटल माध्यमों एवं आधुनिक विपणन तकनीकों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिले की महिलाओं में आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो बस अवसरों की। राज्यपाल ने बागेश्वर जिले में एरोमैटिक और औषधीय पौधों की खेती की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र राज्य की आर्थिकी का “गेम चेंजर” बन सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इस दौरान जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने राज्यपाल को जिले में चल रही योजनाओं, पर्यटन गतिविधियों और प्रशासनिक पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बागेश्वर धार्मिक व साहसिक पर्यटन की दृष्टि से तेजी से उभर रहा है। पैराग्लाइडिंग, पैरासेलिंग जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने ‘मेरा सपना, मेरा लक्ष्य’ जैसे अभिनव कार्यक्रम की जानकारी दी, जो छात्राओं को करियर के नए अवसरों से जोड़ने का प्रयास है। इसके साथ ही ‘हेलो बागेश्वर’ और नशा मुक्ति अभियान जैसे कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोरखे ने जिले की कानून व्यवस्था की स्थिति से राज्यपाल को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जिले में लगातार गश्त व निगरानी की जा रही है और एनआरआई गतिविधियों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। राज्यपाल ने ‘मेरा सपना, मेरा लक्ष्य’ और नशा मुक्ति जैसे अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक चुनौती है, जिससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने बागेश्वर को “राष्ट्र की आर्थिक धुरी” बताते हुए कहा कि स्थानीय संसाधनों और ऊर्जा का सही उपयोग कर यह क्षेत्र देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। राज्यपाल ने यह भी सुझाव दिया कि पलायनग्रस्त गांवों (घोस्ट विलेज) को “होस्ट विलेज” में बदलने के लिए विशेष परियोजनाएं शुरू की जानी चाहिए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों को भी मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। अपने प्रवास के दौरान राज्यपाल ने कौसानी होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने, खासकर योग पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कौसानी की प्राकृतिक सुंदरता इसे एक आदर्श योग वेलनेस डेस्टिनेशन बना सकती है।
एसोसिएशन ने योग संस्थान की स्थापना, स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार देने और पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना राज्यपाल के समक्ष रखी। राज्यपाल ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें राज्य के समग्र पर्यटन विकास से जोड़ने पर बल दिया।

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