भीमताल । पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षाकाल के दौरान दूध संग्रहण और परिवहन की समस्या को लेकर पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने गुरुवार को डेयरी विकास विभाग की निदेशक इला गिरी से मुलाकात की। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर आंचल डेयरी की दूध उठान व्यवस्था में सुधार और वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था लागू करने की मांग की।
पनेरू ने बताया कि नैनीताल जिले के दुदुली, धारी समेत कई दूरस्थ गांवों में बड़ी संख्या में किसान दुग्ध उत्पादन पर निर्भर हैं। बरसात के दौरान सड़कें बाधित होने या वाहन नहीं पहुंचने से दूध समय पर प्लांट तक नहीं पहुंच पाता। कई बार चिलिंग कैन में रखा दूध भी वापस कर दिया जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के कई पर्वतीय क्षेत्रों के दुग्ध उत्पादक हर साल इससे प्रभावित होते हैं। उन्होंने मांग की कि मानसून के दौरान नियमित दूध उठान सुनिश्चित किया जाए, जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था की जाए तथा दूध खराब होने से प्रभावित किसानों को राहत देने पर भी विचार किया जाए।
पनेरू ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन किसानों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने और समय पर दूध खरीद सुनिश्चित करने के लिए विभाग को स्थायी कार्ययोजना बनानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि डेयरी विकास विभाग इस समस्या के समाधान के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाएगा।
