माइंड पावर यूनिवर्सिटी में जुटे देश-विदेश के विशेषज्ञ, योग को बताया आत्मा और विज्ञान का संगम
भीमताल : माइंड पावर यूनिवर्सिटी, भीमताल में ‘हार्मोनाइजिंग इनर स्पेस, कल्टीवेटिंग आउटर अर्थ: योग फ्रंटियर साइंस फॉर रीजनरेटिव सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान देश-विदेश के शोधकर्ताओं, शिक्षकों एवं सामाजिक चिंतकों ने भाग लेकर योग की वैज्ञानिक उपयोगिता पर चर्चा की।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि NIILM यूनिवर्सिटी के प्रबंध निदेशक डॉ. बलराज डाँडा व डॉ. संदीप चहल रहे। डॉ. डाँडा ने अपने संबोधन में कहा कि योग स्वयं की स्वयं के माध्यम से स्वयं तक पहुंचने की यात्रा है, जो न केवल आत्मा के विकास का मार्ग है बल्कि संपूर्ण चिकित्सा विज्ञान भी है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिक युग में योग मानसिक शुद्धि और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्व योग दिवस के अवसर पर सभी को योग अपनाने का संदेश दिया और माइंड पावर यूनिवर्सिटी को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. योगेश कुमार ने अपने संबोधन में योग को शोध से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान परिषद (ICERT) और USA के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य योग और विज्ञान के समन्वय को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन के आयोजन में डॉ. संजीव एवं डॉ. दसमाना की मुख्य भूमिका रही। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. श्वेता भोसले, रजिस्ट्रार श्री हृदेश कुमार, स्किल डेवलपमेंट डायरेक्टर उदय प्रताप, डीन सुरेश कुमार, प्रो. देवेंद्र सिंह बोहरा, विपिन पोडे समेत सभी फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे। अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।