सात दिवसीय कार्यशाला में विद्यार्थियों ने सीखी कुमाऊं की बोली, संस्कृति, व्यंजन और कला
भीमताल : नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीबीएसई के निर्देशानुसार लेक्स इंटरनेशनल स्कूल, भीमताल में सात दिवसीय कुमाऊंनी भाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के साथ इसका समापन हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य एस.एस. नेगी द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। पहले दिन विद्यार्थियों को कुमाऊंनी भाषा की वर्णमाला, उच्चारण और मूल शब्दों की जानकारी दी गई। उन्हें सरल शब्दों के अभ्यास के माध्यम से बोलचाल की कुमाऊंनी सिखाई गई।दूसरे दिन विद्यार्थियों को ग्राम भ्रमण पर ले जाया गया, जहां उन्होंने निशौला और जून स्टेट क्षेत्र में ग्रामीणों से कुमाऊंनी भाषा में संवाद किया और उनकी दिनचर्या को जाना। तीसरे दिन ऐपण और चौकियां जैसी पारंपरिक कुमाऊंनी लोककला की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे ऐपण बनाकर अपनी रचनात्मकता दिखाई।
चौथे दिन पारंपरिक व्यंजनों का अभ्यास किया गया। विद्यार्थियों ने खुद भट्ट की चुरकाणी, आलू के गुटके, ककड़ी का रायता और आलू का थेचुवा तैयार कर कुमाऊंनी स्वाद से परिचय प्राप्त किया। पांचवे दिन जनकवि गिरीश चंद्र तिवारी ‘गिर्दा’ की रचनाओं और अर्जुन पुरस्कार विजेता स्व. हरिदत्त कापड़ी के योगदान पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने कुमाऊं के महान व्यक्तित्वों को जाना। छठे दिन कुमाऊं के भूगोल, नदियों, पर्वतों और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों ने क्षेत्र की भौगोलिक विशेषताओं को समझा। सातवें दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम और कुमाऊंनी भाषा आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य एस.एस. नेगी ने सभी विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा के प्रति गर्व की भावना रखने व उसे अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में डॉ. नीता पंत, एस.एस. बिष्ट, पुष्पा तिवारी और कंचन जोशी उपस्थित रहे ।