मोटा हल्दू स्थित कंपनी में श्रम विभाग के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने चलाया जागरूकता अभियान
भीमताल, 12 जून। विश्व बालश्रम दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल की ओर से मोटा हल्दू स्थित मदर्सन सुमी प्राइवेट लिमिटेड में श्रम विभाग के सहयोग से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बाल श्रम उन्मूलन, बाल अधिकारों एवं श्रम कानूनों की जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया गया।
माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के दिशा-निर्देशों एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के निर्देशन में आयोजित शिविर में सिविल जज (सीडी)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल थपलियाल ने कहा कि बाल श्रम मुख्य रूप से गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी और जागरूकता की कमी के कारण उत्पन्न होने वाली गंभीर सामाजिक समस्या है। छोटी उम्र में बच्चों से काम कराना उनके बचपन को छीनने के साथ ही उनके शारीरिक और मानसिक विकास को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 23 मानव व्यापार और जबरन मजदूरी पर रोक लगाता है, जबकि अनुच्छेद 24 खतरनाक उद्योगों में बच्चों के रोजगार को प्रतिबंधित करता है। बाल मजदूरी को जड़ से समाप्त करने के लिए बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करना, परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना और समाज में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
शिविर में सचिव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न गतिविधियों और आमजन को उपलब्ध कराई जा रही नि:शुल्क विधिक सहायता की जानकारी भी दी गई। वहीं सहायक श्रमायुक्त अधिकारी सुनील तिवारी एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी संजीव कंडारी ने श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर पीएलवी उमा भंडारी, मनोज बलसूनी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।