सरकारी योजना का लाभ लेकर महेन्द्र बने मिसाल, अब 10 लोगों को दे रहे रोजगार

एमबीए के बाद शुरू किया चाय पैकिंग व्यवसाय, ‘गोल्डन चाय’ की बढ़ रही मांग

भीमताल : कहते हैं अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो रास्ते खुद-ब-खुद बनते चले जाते हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है हल्द्वानी के फूलचौड़, देवलचौड़ निवासी महेन्द्र ने। उच्च शिक्षा के बाद बैंकिंग क्षेत्र में चार साल तक नौकरी करने के बाद महेन्द्र ने स्वरोजगार की राह चुनी और आज वह न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि 10 अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।
महेंद्र ने एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) की पढ़ाई के बाद बैंकिंग सेक्टर में काम किया। हालांकि, मन में हमेशा से कुछ अपना करने की ललक थी। लंबे मंथन के बाद उन्होंने चाय पैकिंग व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।
इसके लिए उन्होंने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क किया, जहां प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत मिलने वाली सहायता के बारे में जानकारी मिली। योजना के तहत महेन्द्र को ठंडी सड़क स्थित आंध्रा बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस धनराशि और स्वयं के संसाधनों से उन्होंने चाय पैकिंग यूनिट की स्थापना की।

अब महेन्द्र की ‘गोल्डन चाय’ न सिर्फ हल्द्वानी, बल्कि कुमाऊं के कई शहरों और गांवों में लोकप्रिय हो चुकी है। बीते चार वर्षों में उनके व्यवसाय ने रफ्तार पकड़ी और आज वे अपने साथ 10 युवाओं को भी रोजगार से जोड़ चुके हैं।
महेंद्र का कहना है कि यदि इच्छाशक्ति हो और सही जानकारी मिले, तो सरकारी योजनाओं से युवाओं को आगे बढ़ने का भरपूर मौका मिल सकता है। उन्होंने अन्य युवाओं से भी अपील की कि वे स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाएं और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *