भीमताल। धारी ब्लॉक की ग्राम सभा च्युरीगढ़ में 1980 के दशक में स्थापित जूनियर हाई स्कूल को बंद किए जाने तथा छात्र-छात्राओं को दूसरे विद्यालयों में स्थानांतरित किए जाने के निर्णय पर भीमताल विधानसभा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए भाजपा सरकार, क्षेत्रीय सांसद और विधायक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार केवल बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं करने तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के वरिष्ठ नेता प्रताप भैया के प्रयासों से 1980 के दशक में च्युरीगढ़ में शिक्षा की अलख जगाने के उद्देश्य से जूनियर हाई स्कूल की स्थापना की गई थी। ऐसे विद्यालय को बंद किया जाना सरकार का तुगलकी फैसला है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार पुराने विद्यालयों को भी संचालित नहीं रख सकती तो नई योजनाओं और विकास के दावों का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री लगातार क्षेत्र भ्रमण की बात करते हैं, लेकिन इतने पुराने विद्यालय के बंद होने की स्थिति बनने पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों के शिक्षा के अधिकार पर इस निर्णय का सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र में ऐसी कई समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आम जनता परेशान है।
शर्मा ने राज्य सरकार से च्युरीगढ़ जूनियर हाई स्कूल का संचालन तत्काल पुनः शुरू करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विद्यालय का संचालन शीघ्र बहाल नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।