महंगी किताबें और अतिरिक्त शुल्क वसूली पर जिला प्रशासन सख्त, 15 दिन में मांगा जवाब
भीमताल । जनपद में निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने के मामलों में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी Lalit Mohan Rayal के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने दो और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में सैन ग्लोबल स्कूल तथा ग्रीन माउंट ग्लोबल स्कूल शामिल हैं। इसके साथ ही जनपद में नोटिस प्राप्त करने वाले निजी विद्यालयों की संख्या बढ़कर 107 हो गई है। इससे पूर्व हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली और भीमताल क्षेत्र के 105 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
जांच के दौरान सामने आया कि कई निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी पुस्तकों के अतिरिक्त महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक भार पड़ रहा है। साथ ही कुछ विद्यालयों द्वारा विशेष विक्रेताओं से पुस्तकें और शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष दबाव बनाए जाने तथा वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाएं सार्वजनिक न करने की शिकायतें भी मिली हैं।
यह कार्रवाई ‘बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009’, ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019’ तथा उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और आर्थिक रूप से न्यायसंगत बनाना बताया गया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संबंधित विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी कर एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी विक्रेता विशेष की बाध्यता समाप्त करने, विद्यालय वेबसाइट पर पुस्तक सूची एवं शुल्क संरचना का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने और अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त धनराशि का समायोजन करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित विद्यालयों की जांच के लिए विकासखंड स्तरीय संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में आदेशों का अनुपालन नहीं होने पर संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता निलंबन अथवा निरस्तीकरण सहित कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।