भीमताल : हरमन माइनर डिग्री कॉलेज में “वर्तमान शिक्षा की चुनौतियाँ एवं संभावनाएँ” विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. देबारोती बोस (एसओएस बाल ग्राम की शिक्षा निर्देशिका) ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए वर्तमान शिक्षा प्रणाली की अहमियत, इसके सामने मौजूद चुनौतियों और नए अवसरों पर प्रकाश डाला।
डॉ. बोस ने कहा कि आज के समय में शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कम्प्यूटर कौशल, संवाद कौशल, जीवन कौशल और व्यक्तित्व विकास जैसे क्षेत्रों का समावेश भी बेहद जरूरी है। उन्होंने भावी शिक्षकों को इन कौशलों के महत्व से अवगत कराया और छात्रों को समाज में एक प्रेरणास्रोत बनने के लिए प्रेरित किया।
कॉलेज की प्राचार्या, डॉ. मुक्ता ने नैतिक और व्यावहारिक शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एक शिक्षक समाज में नई दिशा और गति प्रदान करने का माध्यम होता है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन में आने वाली चुनौतियों को समझने और उन्हें हल करने का जरिया है।
कार्यक्रम का संचालन भारती बुडलाकोटी ने किया।
इस दौरान डॉ. बिनीता राय, डॉ. मंजू नेगी, रामकृष्ण आर्य, नीरज कुमार, शीतल सिंह मौर्या, और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।