भीमताल, 29 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “आत्मनिर्भर उत्तराखंड” के विजन को साकार करने में रीप (REAP) परियोजना ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशन एवं मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे के नेतृत्व में जिले में स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें स्थायी आजीविका उपलब्ध कराई जा रही है।
इसी कड़ी में विकासखंड भीमताल के ज्योलीकोट स्थित उड़ान सीएलएफ से जुड़ी श्रीमती गीता नेगी पिछले दो वर्षों से सफलतापूर्वक मोमबत्ती निर्माण इकाई का संचालन कर रही हैं। उनकी इकाई आज क्षेत्र की कई महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई है।
महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही सुगंधित, डेकोरेटिव, गिफ्ट और पिंक कैंडल समेत विभिन्न डिज़ाइन की मोमबत्तियों की स्थानीय बाजार के अलावा मेलों और प्रदर्शनियों में भी अच्छी मांग है। बेहतर गुणवत्ता के कारण इन उत्पादों की पहचान लगातार बढ़ रही है।
रीप परियोजना के तहत इस इकाई को ₹6 लाख की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इस सहयोग से आधुनिक उपकरण खरीदे गए, उत्पादन क्षमता बढ़ी और अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने में सफलता मिली।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे के मार्गदर्शन में संचालित यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण महिला को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराकर उसे “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
भीमताल की यह पहल दर्शाती है कि रीप परियोजना न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती प्रदान कर रही है।