भीमताल। माइंड पावर विश्वविद्यालय, भीमताल में “वन अर्थ, वन फ्यूचर – वैश्विक विकास हेतु बहु-विषयक दृष्टिकोण” विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश के प्रख्यात विद्वानों, शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ राकेश पांडे (तस्मानिया यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया) एवं विशिष्ट अतिथि डॉ मंगल सिंह मांद्रवाल (कुमाऊँ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार) ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ योगेश कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि प्रो चांसलर डॉ ब्रजेश कुमार ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने कहा कि वर्तमान समय की वैश्विक समस्याओं का समाधान किसी एक विषय से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षा, शोध एवं नवाचार के समन्वय को विकास का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि “हमारी पृथ्वी एक है और हमारा भविष्य भी एक ही है, इसलिए इसके संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”
प्रो चांसलर डॉ ब्रजेश कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने के लिए सभी को मिलकर अभी से प्रयास शुरू करने होंगे। सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका से आई एंजिला ने भी अपनी प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ हृदेश, प्रो वाइस चांसलर डॉ पवन कुमार, देवेंद्र सिंह बोहरा, डॉ सुरेश, डॉ विकास, डॉ रमन एवं के.डी. सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में वाइस चांसलर डॉ श्वेता भोसले ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।
सम्मेलन में प्रस्तुत विचारों ने वैश्विक विकास के लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण की आवश्यकता को रेखांकित किया।