महंगी किताबें थोपने और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने का आरोप, अब तक 50 स्कूलों पर कार्रवाई
भीमताल, 06 मई: नैनीताल जनपद में निजी विद्यालयों की मनमानी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने शिकायतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर 12 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही अब तक जिले के कुल 50 निजी विद्यालयों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
नोटिस पाने वाले विद्यालयों में वेदान्तंम इंटरनेशनल स्कूल दमुवाढूंगा, चिल्ड्रन वैली पब्लिक स्कूल बरेली रोड, न्यू बाल संसार स्कूल तीनपानी, आरुष पब्लिक स्कूल हाथीखाल, जी किड्स पब्लिक स्कूल मल्ली बमौरी, काठगोदाम पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, लिटिल स्पार्कल एकेडमी मोटाहल्दू, मानस पब्लिक स्कूल मानपुर वेस्ट, नेशनल पब्लिक स्कूल कुसुमखेड़ा, श्री कृपा पब्लिक स्कूल, सेंट जॉर्ज स्कूल आरटीओ रोड और समिट पब्लिक स्कूल डहरिया शामिल हैं।प्रशासनिक कार्रवाई से पहले भी हल्द्वानी, लालकुआं, भीमताल, भवाली और रामनगर क्षेत्र के 38 स्कूलों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने यह सख्ती दिखाई है।
जांच में सामने आईं अनियमितताएं
जांच के दौरान पाया गया कि कई निजी विद्यालय निर्धारित एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अलावा महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। साथ ही कुछ स्कूलों द्वारा विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव बनाने और वेबसाइट पर आवश्यक सूचनाएं सार्वजनिक न करने के मामले भी सामने आए हैं।
15 दिन में देना होगा जवाब, सख्त कार्रवाई की चेतावनी :
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित विद्यालयों को 15 दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि संशोधित पुस्तक सूची जारी कर एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाए और किसी भी विक्रेता विशेष की बाध्यता तुरंत समाप्त की जाए।
विद्यालयों को अपनी वेबसाइट पर पुस्तक सूची और शुल्क संरचना का पूरा विवरण सार्वजनिक करना होगा। इसके अलावा अभिभावकों द्वारा खरीदी गई अनावश्यक पुस्तकों की धनवापसी या समायोजन तथा अतिरिक्त वसूली गई फीस का समायोजन भी करना होगा।
जांच समिति गठित, मान्यता पर भी संकट
जिलाधिकारी के निर्देश पर विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच समिति गठित की गई है, जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। निर्धारित समयसीमा में निर्देशों का पालन न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता निलंबन या निरस्तीकरण समेत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है और किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाए जाएंगे।