भीमताल : राज्यपाल गुरमीत सिंह ने रविवार को मुनस्यारी से गंगोलीहाट पहुंचकर प्रसिद्ध मां हाट कालिका मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश एवं जनपदवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।
मंदिर परिसर में राज्यपाल ने श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद कर क्षेत्र के विकास, पर्यटन संभावनाओं और जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही मंदिर समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात कर श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं और धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा की।
राज्यपाल ने मंदिर परिसर में विकसित व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण और सुव्यवस्थित विकास आस्था के केंद्रों को मजबूत करने के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देता है। उन्होंने कहा कि मां हाट कालिका के दर्शन का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक संतोष का विषय है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में लगभग चार दशक की सेवा के दौरान उनका कुमाऊं रेजीमेंट से गहरा जुड़ाव रहा है और “जय मां कालिका” का उद्घोष सैनिकों के मनोबल एवं राष्ट्रसेवा की प्रेरणा का स्रोत रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि गंगोलीहाट स्थित मां हाट कालिका मंदिर कुमाऊं की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने मंदिर समिति और स्थानीय नागरिकों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से लेने का आश्वासन देते हुए कहा कि कुमाऊं मंडल के प्रमुख धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ जनपद पर्यटन और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है तथा पर्यटकों की बढ़ती संख्या इसकी लोकप्रियता को दर्शाती है। उत्तराखंड की आध्यात्मिक शक्ति, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत विश्वभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।