भीमताल : भारी बारिश से पिछले एक हफ्ते से बंद पड़े बबियाड–दुदुली–अमदो मोटरमार्ग को अब तक नहीं खोले जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग पर मलबा जमा होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, लेकिन विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है।क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता रमेश टम्टा ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन अखबारों में रोजाना दावा कर रहे हैं कि बारिश में बंद सभी मार्ग खोल दिए गए हैं, जबकि यह सड़क एक सप्ताह से बंद है। स्थिति यह है कि खेतों में पड़ी किसानों की फसलें सड़ने लगी हैं, बीमारों को डोली के सहारे किलोमीटरों पैदल चलना पड़ रहा है और बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय खेती-किसानी और दूध उत्पादन ठप हो चुका है। टूटी सड़क और मलबे के बीच लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सब्जियां पार कर हल्द्वानी तक पहुंचा रहे हैं। टम्टा ने कहा कि क्षेत्रीय सांसद और विधायक जनता की समस्याओं को अनदेखा कर पंचायत चुनावों में व्यस्त हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क नहीं खोली गई तो ग्रामीणों के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा।