ग्रामीणों की रातों की नींद गायब
भीमताल – तहसील भीमताल के खूपी गांव में भू-स्खलन ने ग्रामीणों का जीवन कठिनाई में डाल दिया है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, पिछले 13 सालों से यह गांव आपदा की मार झेल रहा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। बरसात के मौसम में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जिससे ग्रामीण रातों में दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं।
ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने हाल ही में विभागीय अधिकारियों के साथ खूपी गांव और कुरिया नाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रमुख ने कहा कि यह क्षेत्र काफी समय से भू-स्खलन की चपेट में है और कई बार निरीक्षण के बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर आपदा के बाद प्रशासन निरीक्षण करता है, लेकिन ठोस नतीजे नहीं निकलते। आपदा की स्थिति में प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान उनके घरों पर खतरा मंडराता रहता है और वे रातभर जागते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।

प्रमुख ने मनरेगा से संबंधित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया और प्राथमिक विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की। इसके अलावा, उन्होंने बिजली से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ब्लॉक प्रमुख ने मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री को पत्र लिखकर कुरिया नाला के ट्रीटमेंट और आपदा से बचाव के लिए बृहद स्तर पर कार्य करने का अनुरोध किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से कुरिया नाला के ट्रीटमेंट या विस्थापन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी सुनवाई नहीं हुई है।इस दौरान गांव के प्रधान अमित कुमार, पूर्व प्रधान मीनाक्षी टम्टा, प्रदीप त्यागी समेत कई अन्य ग्रामीण और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।