भीमताल : कुमाऊं विश्वविद्यालय के भेषज विज्ञान विभाग, भीमताल में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें दवाओं की प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं पर एडवर्स ड्रग रिपोर्टिंग (एडीआर) पर चर्चा की गई। कार्यशाला का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश्वर कमल कांत आर्या ने दीप प्रज्वलन से किया। उन्होंने फार्माकोविजिलेंस को दवाओं के उपयोग में सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण विषय बताया और छात्रों को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के भेषज संहिता आयोग द्वारा प्रतिवर्ष 17 से 23 सितंबर तक फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का आयोजन किया जाता है, जिसके तहत इस कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के पहले सत्र में राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी की फार्माकोविजिलेंस एसोसिएट कल्पना जोशी ने एडीआर रिपोर्टिंग की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने दवाओं, टीकों, पारंपरिक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी संभावित प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग के महत्व पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को इस संबंध में प्रशिक्षित किया।
दूसरे सत्र में रिसर्च मैनेजर गुंजिता बेलवाल ने फार्माकोविजिलेंस के फार्मा उद्योगों और दवा विकास में भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर भी विचार साझा किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. तनुज जोशी ने बताया कि कार्यशाला में कुल 114 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यशाला का संचालन सहसंयोजिका कोमल चंद्रा द्वारा किया गया। इसमें डॉ. लक्ष्मण सिंह रौतेला, अनिता खोलिया, अदिति रौतेला, मुकेश डालाकोटी, नरेंद्र नेगी सहित कई शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।