रानीबाग मेले के लिए भी की मांग
भीमताल : रानीबाग के युवाओं ने प्रदेश सरकार द्वारा नैनीताल के ऐतिहासिक नंदा देवी महोत्सव को राजकीय मेला घोषित करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है। युवाओं ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव के राजकीय मेला घोषित होने से क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।
साथ ही, उन्होंने मांग की है कि कुमाऊं का हरिद्वार कहे जाने वाले रानीबाग में मकर संक्रांति उत्तरायणी के पर्व पर आयोजित होने वाले दो दिवसीय मेले को भी राजकीय मेला घोषित किया जाए। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षक दीपक नौगाई ‘अकेला’ ने कहा कि गार्गी नदी के किनारे स्थित रानीबाग का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है, जिसका वर्णन पुराणों में भी मिलता है। यह स्थान कत्यूरी वंशजों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां कत्यूरी जिया रानी ने कई वर्षों तक निवास किया था। उन्होंने इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज को पत्र भी लिखा है।
संजय साह और आनंद कुंजरवाल ने कहा कि कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के दूरस्थ गांवों से कत्यूरी लोग इस दो दिवसीय मेले में भाग लेने आते हैं और रानी को याद करते हुए रात भर जागर लगाते हैं। इसलिए इस मेले को संरक्षित किया जाना चाहिए। महेश भंडारी और राजा राणा ने भी मेले को नई पहचान देने के लिए एक मेला समिति गठित करने और इसे राजकीय मेला घोषित करने की आवश्यकता जताई है।
मांग करने वालों में पवन साह, ललित मोहन बिष्ट, धीरज पंत, दीपक पंत, धीरज बिष्ट, चन्द्रमोहन नौगाई, नीरज नौगाई, विश्व दीपक तिवारी, नवल किशोर, मनोज वर्मा, मनोज गोस्वामी, दीपक गोस्वामी आदि शामिल हैं।